मुजफ्फरनगर में बच्चों के हृदय स्वास्थ्य पर बड़ा कदम: फ़ोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर और श्री साई हॉस्पिटल द्वारा मुफ्त पीडियाट्रिक कार्डियक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित

मुजफ्फरनगर। बच्चों में बढ़ते जन्मजात और एक्वायर्ड हृदय रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फ़ोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर ने श्री साई हॉस्पिटल और रेज़ इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से एक विस्तृत पीडियाट्रिक कार्डियक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किया। यह कैंप बच्चों, शिशुओं और किशोरों के लिए बिल्कुल मुफ्त रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ पहुंचकर जांच कराई। यह कार्यक्रम न केवल एक स्वास्थ्य सेवा पहल साबित हुआ, बल्कि समुदाय में दिल से जुड़े रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास भी रहा।

इस विशेष कैंप का आयोजन श्री साई हॉस्पिटल में किया गया, जो क्षेत्र का प्रमुख पीडियाट्रिक सेंटर है। अस्पताल का संचालन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश कुमार और डॉ. समर्थ कुमार कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं को सुलभ बनाना है। रेज़ इंडिया फाउंडेशन की ‘लिटिल हार्ट बीट्स’ पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के कार्डियक उपचार में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। इस सहयोग के कारण कई ऐसे परिवारों को भी उच्च स्तरीय जांच और परामर्श का लाभ मिला, जो सामान्य परिस्थितियों में महंगे इलाज तक पहुंच नहीं बना पाते।

कैंप के दौरान फ़ोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. दीपक ठाकुर की अगुवाई में अनुभवी टीम ने विस्तृत जांचें कीं। इन जांचों में क्लिनिकल असेसमेंट, इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी शामिल थे। कई बच्चों में पहली बार हृदय से संबंधित समस्याओं का पता चला, जिन्हें समय रहते उचित उपचार और आगे के परीक्षणों के लिए मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे अक्सर प्रारंभिक अवस्था में हृदय रोगों के स्पष्ट लक्षण नहीं बताते, इसलिए ऐसी स्क्रीनिंग उन्हें गंभीर खतरे से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कैंप में अभिभावकों को बच्चों में हृदय रोगों के शुरुआती संकेतों जैसे अत्यधिक थकान, तेज सांस चलना, बार-बार बेहोशी, भोजन करते समय परेशानी या वजन न बढ़ना आदि के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और प्रदूषण से बचाव जैसी आदतें बच्चों में दिल से जुड़ी समस्याओं का जोखिम कम कर सकती हैं। अभिभावकों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं और इस तरह की पहल के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

कैंप की सफलता पर बात करते हुए डॉ. दीपक ठाकुर ने कहा कि बच्चों की बड़ी संख्या ने इस पहल को सार्थक बना दिया। उन्होंने बताया कि कई हृदय रोग शुरुआती वर्षों में बिना किसी लक्षण के बने रहते हैं, ऐसे में स्क्रीनिंग ही समय से समाधान ढूंढने का सबसे प्रभावी तरीका है। फ़ोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर अपने कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम के तहत आगे भी ऐसे कई स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि कोई भी बच्चा हृदय रोग की पहचान से वंचित न रह जाए।

इस कैंप ने न केवल मुफ्त और उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराईं, बल्कि समुदाय में बच्चों के हृदय स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक और स्थायी संदेश भी दिया। यह पहल साबित करती है कि सही दिशा में किए गए प्रयास समाज के भविष्य — यानी बच्चों — को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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