मुज़फ़्फ़रनगर में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सहारनपुर मण्डल के अपर निदेशक डॉ. रामानन्द ने जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। अपने निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का विस्तृत भ्रमण कर सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता और सुचारु संचालन का प्रत्यक्ष आकलन करना था।निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, औषधि भंडारण व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं, प्रसूति देखभाल, वार्ड प्रबंधन, लैब सेवाओं तथा टीकाकरण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। उन्होंने देखा कि मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार की आवश्यकता है। इस दिशा में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश प्रदान करते हुए कहा कि मरीजों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाना अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया भी मौजूद रहे। उन्होंने अपर निदेशक को जनपद में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। अपर निदेशक ने कार्यक्रमों में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर भी चर्चा की और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय वर्मा को जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, डॉ. आभा शर्मा को जिला महिला चिकित्सालय की सभी चिकित्सा और सहायक सेवाओं को बेहतर करने तथा प्रसूता एवं नवजात देखभाल को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। अपर निदेशक ने कहा कि अस्पताल परिसर की स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय मानकों के अनुसार सभी व्यवस्थाओं को समय पर सक्रिय और पारदर्शी रखना सभी चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी है।अपर निदेशक ने समस्त अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और उच्च गुणवत्ता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए तथा इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुल मिलाकर यह निरीक्षण जिले में स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















