म्यांमार के साइबर स्कैम में फंसे 270 भारतीय नागरिकों को आखिरकार वतन वापस लाया गया है। ये सभी लोग नौकरी के झांसे में पड़कर म्यांमार पहुंचे थे, जहां उनसे जबरन साइबर फ्रॉड करवाया जा रहा था। इस पूरे अभियान में बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास और म्यांमार में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शाही थाई सरकार की कई एजेंसियों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वापसी करने वालों में 26 महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें साइबर अपराधियों ने बंधक बनाकर अवैध ऑनलाइन धोखाधड़ी के काम में लगाया हुआ था। बताया जा रहा है कि ये सभी भारतीय नागरिक हाल ही में म्यांमार के म्यावड्डी क्षेत्र से थाईलैंड पहुंचे थे और थाई आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिए गए थे। जांच में पता चला कि ये सभी साइबर फ्रॉड गिरोहों के शिकार थे, जिन्हें उच्च वेतन वाली विदेशी नौकरी का लालच देकर बुलाया गया था। भारतीय वायुसेना के दो विशेष विमानों के जरिए इन्हें सुरक्षित भारत लाया गया। विदेश मंत्रालय ने सभी नागरिकों की सुरक्षित वापसी की पुष्टि करते हुए लोगों को आगाह किया है कि वे विदेशों में नौकरी स्वीकार करने से पहले नियोक्ताओं की साख और वैधता की पूरी तरह जांच करें। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी घटनाएं इस बात की गंभीर चेतावनी हैं कि मानव तस्करी और साइबर अपराध से जुड़े गिरोह किस तरह भोले-भाले लोगों को फंसाकर अवैध गतिविधियों में झोंक देते हैं। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध नौकरी प्रस्ताव की जानकारी तुरंत संबंधित भारतीय मिशन को देने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह के जाल में फंसने से बचा जा सके।
Embassy of India, Bangkok and Consulate of India in Chiang Mai in close coordination with various agencies of the Royal Thai Government have facilitated repatriation of 270 Indian nationals, including 26 women, from Mae Sot, Thailand to India by two special flights operated by… pic.twitter.com/aRPJPf9Gu7
— India in Thailand (@IndiainThailand) November 6, 2025
भारतीय दूतावास ने दी ये सलाह
थाईलैंड और म्यांमार में स्थित भारतीय दूतावास, उन भारतीयों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जो कथित तौर पर धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल थे और अभी भी म्यांमार में हैं. दोनों देशों (थाईलैंड और म्यांमार )में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सलाह देते हुए कहा है कि कोई भी नागरिक विदेश में नौकरी के प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले विदेशी नियोक्ताओं की साख की पहले पुष्टि कर लें और भर्ती एजेंटों व कंपनियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करें.
इसके अलावा भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए थाईलैंड में वीजा-मुक्त प्रवेश केवल पर्यटन और अल्पकालिक व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए है और इसका थाईलैंड में रोज़गार पाने के लिए दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए.















