मुजफ्फरनगर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision – SIR) और मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन 2026 के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
इसके तहत तैयारियां, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों का मुद्रण 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 तक किया जाएगा। बीएलओ द्वारा घर–घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराना 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक होगा। निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक रहेगी, जबकि इनका निस्तारण और सत्यापन 31 जनवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बीएलओ घर–घर जाकर एनुमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे, जिसे मतदाताओं द्वारा भरकर वापस बीएलओ को उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने विस्तार से बताया कि जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है और जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें केवल एनुमरेशन फॉर्म भरना होगा और 2003 की मतदाता सूची का साक्ष्य अपलोड करना होगा। वहीं, जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है परंतु नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करने के लिए मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसम्बर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें अपने जन्म प्रमाण के साथ–साथ माता या पिता के जन्म प्रमाण पत्र में से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं, 2 दिसम्बर 2004 के बाद जन्मे नागरिकों को अपने जन्म तिथि और माता–पिता के जन्म स्थान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।मान्य दस्तावेजों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की प्रति, भूमि या मकान का प्रमाण पत्र, पेंशन भुगतान आदेश (PPO) या किसी सरकारी संस्था द्वारा जारी पहचान पत्र शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी अर्ह भारतीय नागरिक जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे अपना नाम जोड़ सकते हैं या किसी प्रकार की त्रुटि को संशोधित करा सकते हैं।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस पुनरीक्षण अभियान में प्रशासन का सहयोग करें ताकि मतदाता सूची पूर्णतः स्वच्छ, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से तैयार हो सके।बैठक में बहुजन समाज पार्टी से इंतजार अली, आम आदमी पार्टी से कैसर अली, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार सहित सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















