मुजफ्फरनगर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. तेवतिया ने अस्पताल परिसर की समग्र स्थिति का गहन अवलोकन किया और वहां की चिकित्सा सेवाओं, सफाई, आपातकालीन सेवाओं, प्रसव कक्ष, औषधि वितरण और अभिलेख संधारण व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल के फायर सेफ्टी सिस्टम की भी जांच की और फायर सिलेंडरों की वैधता स्वयं सुनिश्चित की।डॉ. तेवतिया ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी फायर सेफ्टी उपकरण सदैव क्रियाशील अवस्था में रखें और जिन सिलेंडरों की वैधता समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल बदलवाया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी जोर दिया कि अस्पताल परिसर की स्वच्छता और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे रोगियों और उनके परिजनों को एक सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण मिल सके।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल स्टाफ को रोगियों को दी जाने वाली सभी चिकित्सा सेवाओं में पूर्ण सतर्कता और जिम्मेदारी का पालन करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। इसी क्रम में उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध सभी आवश्यक दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और एम्बुलेंस सेवाएं सदैव क्रियाशील रहें, ताकि जनता को समय पर उपचार और सुविधा मिल सके।डॉ. तेवतिया ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि निरीक्षण में मिली खामियों और आवश्यक सुधारों पर तत्काल कार्यवाही की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और सुधार की प्रगति पर नियमित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उनके निरीक्षण का उद्देश्य न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना है बल्कि जनता को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना भी है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ का यह औचक निरीक्षण स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा प्रबंधन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का यह संदेश स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा, अनुशासन और समय पर दवाओं तथा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी चिकित्सकीय और प्रबंधकीय कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से आग्रह किया कि वे नियमित निरीक्षण और निगरानी के माध्यम से अस्पताल सेवाओं की निरंतर सुधार प्रक्रिया को बनाए रखें, ताकि आने वाले समय में कोई भी आपात स्थिति या सेवा की कमी न हो और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलती रहे।कुल मिलाकर, डॉ. सुनील तेवतिया का यह निरीक्षण अस्पताल प्रशासन के लिए चेतावनी और मार्गदर्शन दोनों का काम करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा, दवा और उपकरण की उपलब्धता, स्वच्छता और रोगियों के प्रति जिम्मेदारी सभी प्राथमिकताएं होनी चाहिए। जनता के हित में उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और प्रभावी रूप से प्रदान की जाएं।















