अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने बांग्लादेश को दी जाने वाली 800 मिलियन डॉलर की छठी कर्ज किस्त रोक दी है। IMF का कहना है कि यह किस्त तभी जारी की जाएगी जब देश की नई सरकार से बातचीत पूरी होगी और वह मौजूदा आर्थिक सुधार कार्यक्रम को जारी रखने की प्रतिबद्धता दिखाएगी।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी नई सरकार के लिए IMF का यह फैसला एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। संस्था ने साफ संकेत दिए हैं कि आर्थिक नीतियों की निरंतरता और पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना धनराशि जारी नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि IMF का यह कदम यूनुस सरकार पर सुधारों को गति देने और आर्थिक स्थिरता के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ा सकता है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था इस समय विदेशी मुद्रा भंडार और बढ़ती महंगाई जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में IMF की यह रोक देश की वित्तीय स्थिति को और प्रभावित कर सकती है।















