मुजफ्फरनगर। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, केशवपुरी, मेरठ रोड, गुठनगर में शुक्रवार को दीपावली महोत्सव बड़े उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, दीपों और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और खुशियों से भर गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
महोत्सव में विद्यार्थियों के लिए रंगोली प्रतियोगिता, दीप-सज्जा प्रतियोगिता और ग्रीटिंग कार्ड (शुभकामना पत्र) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन निर्णायक मंडल की सदस्याएँ — अनुराधा चौधरी, रेनू रंजन और वांशिका गौतम ने किया। उन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और उनकी कला को उत्साहवर्धक बताया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य कौशल आर्य ने उपस्थित अतिथियों, विद्यार्थियों, आचार्य-भाइयों और पत्रकार बंधुओं का स्वागत किया और दीपावली, छठ, गोवर्धन पूजा एवं भैया दूज की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व भारतीय संस्कृति और एकता के प्रतीक हैं। ये न केवल हमें प्रकाश और खुशी प्रदान करते हैं बल्कि प्रेम, सहयोग और सामूहिक भावना का संदेश भी देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा और उत्साह से ऐसे आयोजनों में भाग लें और संस्कृति को आगे बढ़ाएँ।
इस अवसर पर मुकेश दत्त शर्मा, भोपाल सिंह, योगेन्द्र शर्मा, नंदिनी शर्मा, रागिनी, इंदु त्यागी, सविता, मनोज मित्तल और नीरज शर्मा सहित सभी आचार्य बंधु-बहनों ने विशेष सहयोग प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन और समर्पण ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार में इस आयोजन के दौरान उल्लास, भाईचारे और सांस्कृतिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला।दीपावली महोत्सव ने न केवल बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि सभी उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं की महिमा का अनुभव कराते हुए एक यादगार अनुभव भी प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन और शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुआ, जिससे पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव की खुशियाँ और सौहार्द का वातावरण बना रहा।इस प्रकार महोत्सव ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को उजागर किया बल्कि विद्यालय में भाईचारे, सहयोग और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा दिया।















