धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदना शुभ, मान्यता है खुलते हैं धन-समृद्धि के द्वार

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष धनतेरस 18 अक्टूबर, शनिवार को पड़ रही है। यह दिन दीपावली महोत्सव की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन धन और आरोग्य की देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी, नए बर्तन, गहने या घर में उपयोगी धातु की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इन वस्तुओं की खरीद से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और आने वाला वर्ष समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य लेकर आता है।

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धार्मिक परंपरा के अनुसार, धनतेरस की संध्या पर दीपदान करना भी अत्यंत शुभ होता है। यमराज को समर्पित दीप जलाने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और परिवार में शांति बनी रहती है। इस दिन बाजारों में विशेष रौनक देखने को मिलती है। लोग नए बर्तन, सिक्के, जेवरात और घर की सजावट की वस्तुएं खरीदते हैं। व्यापारी वर्ग के लिए यह दिन नया लेखा-जोखा शुरू करने का भी शुभ अवसर होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि धनतेरस पर किया गया शुभ कार्य कई गुना फल देता है। यही कारण है कि यह दिन धन, आरोग्य और सौभाग्य की कामना के साथ पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है।

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