बिहार में चुनावी सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की टीम राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकों में जुटी हुई है। आयोग की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक तैयारियों, मतदाता सूची के सत्यापन और मतदान केंद्रों की उपलब्धता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की है।
चुनाव आयोग का मुख्य फोकस धनबल और बाहुबल के दुरुपयोग को रोकने पर है। इसके लिए राज्य के सभी जिलों में निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है ताकि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी प्रकार के अवैध धन या शराब के वितरण पर अंकुश लगाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, आज मुख्य चुनाव आयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान संभव है। इस प्रेस वार्ता में चरणबद्ध मतदान की रूपरेखा, मतदान केंद्रों की संख्या और मतगणना की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जा सकती है।
राज्य में चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दल अपने-अपने चुनावी एजेंडे और उम्मीदवारों की रणनीति पर अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। सभी की निगाहें आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जिससे बिहार में चुनावी बिगुल बजने की पूरी उम्मीद है।















