पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की अंतिम बैठक में कुल 129 एजेंडा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे अब डीए 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। यह फैसला राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देगा।
कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, संस्कृति और कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णय भी लिए गए। राज्य में फिल्म और नाट्य संस्थान की स्थापना को स्वीकृति दी गई है, जिससे बिहार में कला और संस्कृति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्कूली छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने करीब तीन अरब रुपये की राशि मंजूर की है। यह निर्णय विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा, कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के कई परियोजनाओं, नियुक्तियों और विकास कार्यों को भी हरी झंडी दी। बैठक में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और शहरी निकायों से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी मिली। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन निर्णयों का उद्देश्य विकास कार्यों में तेजी लाना और जनता को सीधे लाभ पहुंचाना है।
कैबिनेट की यह बैठक नीतीश सरकार के वर्तमान कार्यकाल की अंतिम बैठक मानी जा रही है, इसलिए इसे राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने अपने इस निर्णयों के माध्यम से कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम जनता सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।















