अरब सागर में एक बार फिर मौसम ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि उत्तरी अरब सागर में बना गहरे दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान शक्ति में बदल गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 घंटों में यह तूफान और अधिक ताकतवर होकर भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है। फिलहाल यह पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और समुद्र में सक्रिय है, लेकिन तटीय इलाकों के लिए खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आईएमडी ने महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक के तटीय जिलों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शक्ति के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। मुंबई, रत्नागिरी, सूरत और वेरावल के आसपास के इलाकों में पहले से ही बादल छा गए हैं और हवाओं की रफ्तार बढ़ने लगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर में चक्रवातों की आवृत्ति पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। समुद्र के तापमान में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। शक्ति नामक यह तूफान फिलहाल समुद्र में सक्रिय है, लेकिन इसके मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आईएमडी के अनुसार, अगर इसका रुख उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ता है तो यह तटीय राज्यों पर गहरा असर डाल सकता है। इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी सभी राज्यों को सतर्कता बरतने और राहत दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। तटीय इलाकों में प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।















