भारत में तीज-त्योहारों पर हाथों में मेहंदी लगाए बिना कुछ अधूरा सा लगता है और बात अगर करवा चौथ की हो तो हर सुहागिन महिला अपने हथेलियों पर पिया के नाम की मेहंदी जरूर लगाती है, क्योंकि इसे एक जरूरी श्रृंगार माना गया है. पहले के टाइम में लोग घर पर ही हरी पत्तियों को पीसकर मेहंदी रचाते थे, लेकिन अब मार्केट में रेडीमेड कोन मिलने लगी हैं जो रंग भी काफी गहरा देती हैं, लेकिन इनमें केमिकल होते हैं, जिससे कई लोगों की स्किन पर एलर्जी भी हो जाती है, जैसे रैशेज होना, दाने निकल आना, छाले निकल आना, इसलिए जरूरी है कि आप कुछ सावधनियां बरतें, साथ ही जान लें कि घर पर कैसे आप मेहंदी की ऑर्गेनिक कोन तैयार कर सकती हैं.पैकेट्स से लेकर कोन तक बाजार में मेहंदी के नाम पर मिलावटी केमिकल वाली मेहंदी बेची जा रही है, जो आपकी त्वचा के लिए बेहद नुकसानदायक होती है और इस वजह से आपके फेस्टिवल का मजा किरकिरा हो सकता है. इसलिए इस आर्टिकल में जानेंगे कि आपको मेहंदी खरीदते वक्त किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए और घर पर कैसे इसे तैयार करें.
मेहंदी का कलर कैसा है?
जब आप मेहंदी खरीदें तो इसके कलर पर ध्यान दें. अगर मेहंदी खरीद रही हैं तो ये चेक करें कि उसका रंग हरा होना चाहिए, जैसी माचा टी दिखती है, अगर पाउडर या फिर कोन से निकलने वाली मेहंदी का रंग ज्यादा डार्क है तो इसे लगाने से बचें.
इनग्रेडिएंट्स का रखें ध्यान
मेहंदी पाउडर का पैकेट ले रही हैं तो उसपर लिखे इनग्रेडिएंट्स को बहुत ज्यादा ध्यान से पढ़ें. मेहंदी में पीपीडी (पी-फेनिलएनेडियम) जैसे कुछ केमिकल एड किए जाते हैं, ताकि महेंदी गहरी रचे, लेकिन ये आपकी स्किन के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक होते हैं.
ब्लैक मेहंदी न खरीदें
बहुत सारी लड़कियां डिजाइन को हाईलाइट करने के लिए ब्लैक मेहंदी से आउटलाइन करती है, लेकिन ये मेहंदी बिल्कुल भी नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि इसे केमिकल से ही तैयार किया जाता है जो स्किन एलर्जी की वजह बन सकते हैं.
पैच टेस्ट करके जरूर देखें
मेहंदी लगाने से पहले ये जरूरी है कि आप पैच टेस्ट भी कर लें. इसके लिए कम से कम तीन से चार घंटे पहले थोड़ी सी मेहंदी को अपनी कोहनी या पैर पर लगाकर छोड़ दें और उसके बाद देखें कि इसका क्या रिजल्ट है. अगर थोड़ी सी भी इरिटेशन महसूस हो तो वो मेहंदी न लगाएं.
ऐसे तैयार करें ऑर्गेनिक मेहंदी
घर पर ऑर्गेनिक मेहंदी तैयार करने के लिए मेहंदी की पत्तियों को डंडियों से अलग कर लें और फिर इसे छांव में सुखाएं. जह मॉइस्चर पूरी तरह से सूख जाए तो इसे ग्राइंडर में पीसकर महीन पाउडर बना लें और मलमल के कपड़े से छानकर एयरटाइट कंटेनर में भर लें. इसका इस्तेमाल हाथों से लेकर बालों तक पर किया जा सकता है.
ऐसे तैयार करें मेहंदी की कोन
प्लास्टिक से कोन तैयार करने के बाद एक बाउल में जरूरत के मुताबिक मेहंदी पाउडर निकालकर उसमें चायपत्ती का पानी, टी ट्री ऑयल या यूकेलिप्टिस का तेल मिलाएं. इसके साथ ही आप दो से तीन बूंद नींबू का रस डाल सकती हैं. इसका स्मूद पेस्ट बनाएं और ढककर इसे कम से कम तीन घंटे के लिए रख दें. अब बनाई गई कोन में मेहंदी फिल कर लें.















