मुज़फ्फरनगर जनपद में औद्योगिक रासायनिक रिसाव, अग्नि सुरक्षा और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल जनपद की सभी चारों तहसीलों—सदर, जानसठ, बुढ़ाना और खतौली—में एक साथ आयोजित हुई। सदर तहसील का मुख्य कार्यक्रम त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड अल्को कैमिकल्स कॉम्पलेक्स में हुआ, जहाँ औद्योगिक रासायनिक और अग्नि सुरक्षा से बचाव की रिहर्सल की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार की मौजूदगी में आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।जानसठ तहसील में डीएवी इंटर कॉलेज परिसर में मॉक ड्रिल हुई, जिसमें भूकंप से बचाव के उपायों का रिहर्सल कराया गया। यहाँ शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय लोगों को यह बताया गया कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान किस प्रकार सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और घबराहट से बचते हुए दूसरों की मदद करनी चाहिए। इसी तरह बुढ़ाना तहसील में भी भूकंप राहत का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
वहीं खतौली तहसील मुख्यालय पर अग्निशमन से जुड़ी मॉक ड्रिल की गई, जिसमें आगजनी की स्थिति में त्वरित बचाव और राहत कार्यों का प्रदर्शन किया गया।त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड अल्को कैमिकल्स कॉम्पलेक्स में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा की टीम और एनडीआरएफ का बचाव दल सक्रिय रूप से शामिल रहा। रिहर्सल के दौरान अचानक आग और रासायनिक रिसाव की स्थिति का परिदृश्य बनाकर राहत एवं बचाव कार्य दिखाए गए। घायलों को सुरक्षित निकालने के साथ ही उन्हें प्राथमिक उपचार देकर तुरंत नजदीकी हायर सेंटर भेजने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। इस दौरान आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर रहकर पूरा अभियान देखा और सुझाव दिए।मॉक ड्रिल के दौरान नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, उप जिलाधिकारी सदर प्रवीण द्विवेदी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़, अग्नि सुरक्षा अधिकारी आरके यादव, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. विक्रांत तेवतिया और डॉ. अन्नू चौधरी, सहायक निदेशक कारखाना समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड और एल्को कैमिकल कॉम्पलेक्स के प्रबंधक राजीव बिहान और उनकी टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।इस कार्यक्रम में जो कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने संचालन किया और प्रतिभागियों को यह समझाया कि किसी भी आपदा की स्थिति में समय पर की गई तैयारी और सजगता जीवन बचाने में कितना कारगर साबित होती है। पूरे अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में जिले की आपदा प्रबंधन प्रणाली तत्काल प्रभाव से काम करने में सक्षम हो।इस तरह मुज़फ्फरनगर जिले के चारों तहसीलों में आयोजित इस व्यापक मॉक ड्रिल ने प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षण संस्थानों और आम जनता को आपदा से निपटने के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई। यह आयोजन इस संदेश के साथ सम्पन्न हुआ कि पूर्व तैयारी ही किसी बड़ी आपदा को नियंत्रित करने की सबसे बड़ी कुंजी है।
















