जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हजरतबल दरगाह में प्रतीक चिन्ह लगाने को अनावश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में प्रतीक चिन्ह का होना सामान्य है, लेकिन धार्मिक स्थलों में इसका होना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी की आलोचना करते हुए कहा कि इस कदम से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की संवेदनशील चीजों में सावधानी बरतना आवश्यक है और लोगों की भावनाओं को आहत करने पर माफी मांगनी चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि धार्मिक स्थलों का सम्मान करना सभी का कर्तव्य है और ऐसी घटनाएँ अनावश्यक विवादों को जन्म देती हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ने हजरतबल दरगाह में प्रतीक चिन्ह लगाने के फैसले को गलत ठहराया और संबंधित अधिकारियों से भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।















