मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी द्वारा महान दार्शनिक, भारत रत्न से सम्मानित, देश के प्रथम उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट एवं समाजवादी शिक्षक सभा जिलाध्यक्ष अक्षय चौधरी ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन न केवल देश के महान दार्शनिक और शिक्षक थे, बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने दर्शनशास्त्र पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनके माध्यम से उन्होंने भारत की गौरवशाली परंपरा और विचारधारा को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनके योगदान को देखते हुए ही उनके जन्मदिवस 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है और हमें डॉ. राधाकृष्णन जैसे महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। उनका जीवन इस बात का संदेश देता है कि शिक्षक केवल ज्ञान का वाहक ही नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा शिक्षा और समाज के विकास के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
इस अवसर पर सपा नेता अनुज कुमार गुर्जर, इमलाक प्रधान, अली अब्बास जैदी, चौधरी योगेन्द्र कुमार, समाजवादी छात्र सभा जिला उपाध्यक्ष जुनेद आलम समेत अनेक पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और कहा कि शिक्षक दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षकों के योगदान को याद करने और समाज में शिक्षा के महत्व को स्थापित करने का दिन है। कार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की।















