बांदा जनपद में केन, यमुना और चंद्रावल नदियों की बाढ़ और अतिवृष्टि के चलते हुए व्यापक नुकसान को लेकर जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी जे रीभा, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पशुचिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से सर्वे कराकर बाढ़ पीड़ितों को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता देने को कहा है। मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में भी बाढ़ कोष से धनराशि उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ के बाद कीचड़ और गंदगी के कारण बीमारियों के फैलाव की आशंका को देखते हुए सीएमओ को क्लोरीन की गोलियां, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पशु चिकित्साधिकारी को खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से मवेशियों को बचाने के लिए टीमें गठित कर कार्य करने को कहा गया है। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए जसपुरा ब्लॉक के शेष गांवों में भी बिजली बहाल करने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए हैं।किसानों की डूबी फसलों के नुकसान का आकलन कर राहत देने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार की ओर से राहत किट का वितरण औगासी समगरा क्षेत्र में किया गया, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।















