मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में तहसील की चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी भगवती मीणा के साथ ड्यूटी के दौरान जातिसूचक अपशब्दों और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार, 31 जुलाई को सुबह 11 बजे तहसीलदार के कहने पर जब वह भू-अभिलेख निरीक्षक कक्ष में पहुंची तो वहां मौजूद पटवारी अनिल चौधरी, संतोष गुर्जर, गिरदावर निहाल सिंह और नंदकिशोर ने उसे “तहसीलदार की चमची” कहकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और धक्का-मुक्की कर कमरे से बाहर निकाल दिया। जब तहसीलदार स्वयं मौके पर पहुंचीं तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
पीड़िता ने बताया कि मालाखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने गई तो थाना अधिकारी ने उसकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया और प्रताड़ित कर भगा दिया। बाद में वह अन्य कर्मचारियों के साथ दोबारा थाने पहुंची, जहां कथित आरोपियों को भी बुलाकर उन्हें धमकाया गया कि यदि उन्होंने शिकायत की तो उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाएगा।
इस घटना से क्षुब्ध होकर भगवती मीणा शुक्रवार को लगभग एक दर्जन लोगों के साथ अलवर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपा। साथ आए सरपंच जगदीश मीणा, भारत चौधरी, सुरेश चंद मीणा, कजोडी गुर्जर सहित अन्य लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो बुधवार से थाना अधिकारी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे, लेकिन किसी प्रकार की गड़बड़ी की जिम्मेदारी थाना अधिकारी की होगी।















