मुजफ्फरनगर। तहसील सदर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एसडीएम सदर निकिता शर्मा ने आम नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई के इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपने-अपने मामलों को प्रस्तुत किया, जिनमें भूमि विवाद, पेंशन, सरकारी योजनाओं में लाभ न मिलना, राजस्व संबंधी परेशानियां और अन्य प्रशासनिक समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। एसडीएम ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिकता न बनकर, वास्तव में लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बने। साथ ही यह भी कहा कि हर शिकायतकर्ता को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। एसडीएम ने कहा कि जिन मामलों का समाधान क्षेत्र स्तर पर ही संभव है, उन्हें वहीं प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत, राजस्व कर्मियों और अन्य विभागीय कर्मचारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।इसके साथ ही महिला हेल्पडेस्क की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि महिला शिकायतकर्ताओं को उचित सहायता, परामर्श और सुरक्षित माहौल प्रदान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला हेल्पडेस्क को संवेदनशील, सतर्क और सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि महिलाएं अपनी समस्याओं को खुलकर रख सकें और उनका समाधान समयबद्ध हो सके।जनसुनवाई के दौरान एसडीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे सप्ताह में एक दिन फील्ड विजिट अवश्य करें ताकि जमीनी स्तर पर समस्याओं को जाना जा सके और लोगों का भरोसा प्रशासन पर बना रहे। उन्होंने यह भी चेताया कि जो अधिकारी या कर्मचारी जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।















