मुज़फ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन भवन में विद्युत आपूर्ति की दयनीय स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल मौजूद रहे। संचालन फेडरेशन के सह सचिव आशीष गर्ग ने किया, जबकि अध्यक्ष नीलकमल पुरी ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
बैठक में जिले के उद्यमियों ने बिजली व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याएं उठाईं। उन्होंने बताया कि बार-बार की ट्रिपिंग और बिना पूर्व सूचना के शटडाउन से औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही समय पर समस्या का समाधान करते हैं, जिससे उद्योग जगत को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान आर्थिक सुस्ती के बीच बिजली संकट ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि विद्युत आपूर्ति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के चलते फीडर्स पर अधिक लोड बढ़ गया था, जिसे सामान्य करने की दिशा में काम हो रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले में लंबे समय से लंबित 132 केवीए विद्युत सबस्टेशन को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है और इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
अग्रवाल ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 अगस्त 2025 से प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 9 बजे तक विशेष शटडाउन लेकर एलटी लाइन और औद्योगिक फीडर से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
बैठक में फेडरेशन अध्यक्ष नीलकमल पुरी ने कहा कि पूर्व में भी बिजली संकट को लेकर उद्योगपतियों को कड़े कदम उठाने पड़े थे। आईआईए के चेयरमैन अमित जैन ने विद्युत अधिनियम की धारा 64 का हवाला देते हुए कहा कि उद्योगों में VCB लगाना अनिवार्य नहीं है, इसलिए विभाग को इसके लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए।















