राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में आरजीएचएस (राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना) के अंतर्गत कथित गबन के मामले में पदस्थ आठ चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस संबंध में एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें डॉ. आरसी यादव, डॉ. सत्यप्रकाश मीना, डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. मीना गुप्ता सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
चिकित्सकों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित आरजीएचएस योजना के अंतर्गत उन्हें स्वास्थ्य विभाग से कुछ संदिग्ध पर्चियां नोटिस के साथ प्राप्त हुई हैं। राजगढ़ ब्लॉक से कुल 232 पर्चियां आईं, जिनकी कुल राशि लगभग 13 लाख 77 हजार रुपये दर्शाई गई थी। जब इनका मूल्यांकन किया गया और प्रिंट आउट देखा गया तो सामने आया कि इनमें से 80 से अधिक पर्चियां ऐसी थीं, जो इन आठ चिकित्सकों में से किसी के द्वारा लिखी ही नहीं गई थीं।
इस पर सभी चिकित्सकों ने लिखित में जवाब प्रस्तुत कर सीएमएचओ अलवर को मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें कुछ पेंशनभोगी और कर्मचारियों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। साथ ही कुछ पर्चियों में मेडिकल स्टोर के नाम और अन्य संदिग्ध गतिविधियां भी देखने को मिली हैं। यह भी बताया गया कि कुछ पर्चियों पर चिकित्सकों द्वारा दवा लिखी गई है, जबकि कुछ पर्चियों पर केवल अलग-अलग चिकित्सकों की मुहर लगी हुई है, लेकिन दवाएं नहीं लिखी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी विवरण सीएमएचओ अलवर को सौंप दिए गए हैं, और अब आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से की जाएगी।















