अलवर और उसके उपखंड क्षेत्रों में बरसात के मौसम में जल कुंडों और बांधों में पानी भर जाने के बाद लोग बेधड़क नहाते नजर आ रहे हैं। किशन कुंड, हाथी कुंड सहित कई स्थानों पर लोग बिना किसी रोक-टोक के गहरे पानी में उतर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बीते दिनों सरसा माता बांध और पाराशर धाम में दो युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों के अधिकारी और कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। जिला कलक्टर द्वारा पहले ही खतरनाक जल भराव क्षेत्रों और झरनों से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन यह चेतावनी बेअसर साबित हो रही है। निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारी मौके से नदारद हैं, जिससे किसी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।















