बांदा जिला कारागार में जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान प्रथम अपर जिला जज चन्द्रपाल, अपर जिला जज एवं सचिव श्रीपाल सिंह, जिलाधिकारी जे. रीभा, पुलिस अधीक्षक पलाश बसंल और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। टीम ने बैरक संख्या 06, 9ए, बी, उए, उबी, अस्पताल और पाकशाला का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। तीन बंदियों को कानूनी सहायता भी प्रदान की गई। पाकशाला में भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई, जहां अरहर की दाल, रोटी, चावल व आलू-कुल्फा की सब्जी बन रही थी। जिला जज ने ड्रेनेज व्यवस्था का निरीक्षण कर खुली नालियों को शीघ्र बंद करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पेयजल व्यवस्था को संतोषजनक पाया।
कारागार अस्पताल में कैंसर पीड़ित दो बंदियों से मुलाकात कर इलाज व खानपान की जानकारी ली गई। साथ ही उच्च न्यायालय में लंबित जमानत मामलों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बताई गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जातीय भेदभाव पर भी चर्चा हुई। बंदियों को बताया गया कि किसी प्रकार के भेदभाव की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करें।
महिला बैरकों में आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की स्थिति की जांच की गई, जिसमें दो महिलाओं को सहायता मिलना पाया गया। पुलिस अधीक्षक ने महिला बंदियों को मिलने वाले वेजेज की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन और चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।















