मुजफ्फरनगर में बाल श्रम निषेध दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, बाल श्रम मुक्त समाज के लिए किया गया संकल्प.

मुजफ्फरनगर में अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में श्रम विभाग द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम में अटल आवास विद्यालय के विद्यार्थी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने उपस्थितजनों से अपील की कि जनपद में बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाना मुख्यमंत्री का मिशन है, जिसे सामूहिक प्रयासों से ही पूरा किया जा सकता है।

उन्होंने बाल श्रम निषेध दिवस की थीम प्रगति स्पष्ट है, लेकिन अभी और काम करना है, आइए प्रयासों को गति दें को दोहराते हुए सभी से सहयोग की अपील की।कार्यक्रम मेंजस्ट राइट फॉर चिल्ड्रनसंस्था के गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी संस्था शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सहायक श्रमायुक्त देवेश सिंह ने विभाग की योजनाओं और बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के आंकड़ों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग समयसमय पर अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को छुड़ाता है और उन्हें शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करता है।जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी दी।

शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्डलाइन और मानव तस्करी विरोधी थाने के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। अटल आवास विद्यालय के छात्रों ने पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक और कविता के माध्यम से बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता फैलाई। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।इसके अलावा विभाग की योजनाओं के तहत 16 लाभार्थी श्रमिकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने किया, जबकि समापन अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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