मुजफ्फरनगर/शुकतीर्थ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शुकतीर्थ में स्वामी भिक्षुकदास और समनदास जी महाराज की 65वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शुकतीर्थ को “भागवतभूमि” बताते हुए इसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लगभग 5,000 वर्ष पूर्व इसी स्थान पर शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाकर भक्ति, ज्ञान और मुक्ति का संदेश दिया था।
मुख्यमंत्री ने गंगा को भारत की सनातन परंपरा की अविरल धारा बताते हुए इसे हमारी सांस्कृतिक पहचान और मोक्ष का मार्ग कहा।इस अवसर पर योगी ने घोषणा की कि अगली बार समनदास आश्रम के सामने संत समनदास जी और सतगुरु रविदास जी की स्मृति में घाट, सड़कों का चौड़ीकरण, पार्किंग, सौंदर्यीकरण और सत्संग सभागार का निर्माण कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें दशकों तक वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचतीर्थों का निर्माण कर और 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित कर बाबा साहेब को सम्मान दिया।उन्होंने कहा कि स्वामी भिक्षुकदास और समनदास जी ने संत रविदास के मिशन को आगे बढ़ाया। आज सरकार की गरीब कल्याण योजनाएं और सामाजिक परिवर्तन इन्हीं संतों की प्रेरणा से संभव हो पा रही हैं।कार्यक्रम में प्रमुख संतों और गणमान्य व्यक्तियों में महंत गोवर्धन दास, स्वामी ओमानंद, निर्मल दास, गुरुदीप गिरि, सांसद चंदन चौहान, मंत्री अनिल कुमार, कपिल देव अग्रवाल, सोमेंद्र तोमर, पूर्व सांसद संजीव बालियान, विधायक राजपाल बालियान, वंदना वर्मा, मिथिलेश पाल और विक्रम सैनी सहित अनेक लोग शामिल रहे।
















