चित्तौड़गढ़ जिले में ईद उल अजहा का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के प्रमुख ईदगाह मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया और सामूहिक नमाज अदा की। खासतौर पर जिला मुख्यालय पर गंभीरी नदी के तट पर स्थित ईदगाह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। शहर काजी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती करीमी की ईमामत में प्रातः 8 बजे नमाज की शुरूआत हुई।
नमाज शुरू होने से पहले शहर काजी को उनके निवास से जुलूस के रूप में ईदगाह तक लाया गया, जिससे कार्यक्रम की भव्यता बढ़ी। नमाज से पहले मौलाना अब्दुल रशीद बरकाती ने कुर्बानी के महत्व और इसके ऐतिहासिक संदर्भ पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनकी वक्तव्य ने सभी उपस्थित लोगों को कुर्बानी के वास्तविक अर्थ को समझने का अवसर दिया।नमाज अदा होने के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देकर पर्व की खुशियां बांटी। इस दौरान अंजुमन मिल्लते इस्लामिया के सदर इकबाल गुलशन के नेतृत्व में कमेटी के सदस्यों ने नमाज की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में मदद की।
इस अवसर पर जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी भी ईदगाह पहुँचे। जिला कलक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी और डिप्टी विनय चौधरी ने अंजुमन की ओर से साफा पहना कर स्वागत किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली और श्रद्धालुओं को सहज माहौल प्रदान किया गया। सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारी पर्याप्त संख्या में तैनात रहे, जिससे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।इस प्रकार चित्तौड़गढ़ में ईद उल अजहा पर्व के इस भव्य आयोजन ने पूरे समुदाय में भाईचारे और सौहार्द की भावना को और प्रगाढ़ किया।















