फर्जी दस्तावेजों से मिली सीबीएसई मान्यता, जीसी पब्लिक स्कूल पर कार्रवाई की तलवार.

मुजफ्फरनगर के नई मंडी क्षेत्र स्थित जीसी पब्लिक स्कूल एक बार फिर विवादों में आ गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) द्वारा जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि स्कूल ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त की। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कूल प्रबंधन के पास न तो भू-स्वामित्व से जुड़े वैध कागजात हैं और न ही मान्यता के लिए जरूरी शर्तों का पालन किया गया है। स्थानीय निवासी नवनीत अग्रवाल वर्षों से इस मामले में शिकायतें करते आ रहे हैं, जबकि अन्य समाजसेवियों और मोहल्लेवासियों ने भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन और हलफनामे सौंपे हैं।जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल की जूनियर और सीनियर विंग की इमारतों को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने 2016 में ही अवैध मानते हुए गिराने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक निर्माण जस का तस है। स्कूल परिसर के बीच की सरकारी सड़क और नाले पर भी कब्जा कर लिया गया है, जो सीबीएसई मानकों का उल्लंघन हैग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज की भूमि (खसरा संख्या 329) का हवाला देकर फर्जी तरीके से मान्यता ली गई, जबकि वह जमीन पहले से ही यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त कॉलेज के नाम दर्ज है और उसे सरकारी अनुदान भी मिल रहा है। डीआईओएस की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जीसी पब्लिक स्कूल ने खुद 20 बार स्वीकार किया कि उसके पास भू-स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज नहीं हैं, फिर भी नगर पालिका और राजस्व विभाग ने एमडीए में नक्शा पास कराने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया। यह प्रशासनिक मिलीभगत को दर्शाता है।इस मामले में हाईकोर्ट इलाहाबाद में भी याचिकाएं लंबित हैं। स्कूल प्रबंधन दस्तावेजों की पुष्टि कराने में विफल रहा है, जिससे अब इसकी सीबीएसई मान्यता रद्द होने की संभावना बढ़ गई है। इस खुलासे के बाद छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता का माहौल है।

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