अलवर के मिनी सचिवालय में आयोजित जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुँचे, लेकिन अधिकतर शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि हर बार की तरह इस बार भी सिर्फ़ दिखावे की कार्रवाई हुई और कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया।
राजगढ़ से आए दो दिव्यांग युवक मोनू सैनी और सुधांशु, जो सुनने में असमर्थ हैं, अपनी समस्या लेकर फिर से जनसुनवाई में पहुँचे। पहले भी वे कई बार सहायता के लिए आ चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ़ आश्वासन मिला। इस बार कलेक्टर ने हीरिंग एड देने का आदेश तो दिया, पर लोगों को भरोसा नहीं कि इस पर अमल होगा।
कठूमर की गुलाब देवी खोखर, जो एमबीए पास हैं, ने 2020 की आंगनबाड़ी भर्ती में चयन के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं मिलने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि वह इससे पहले भी कई बार अपनी बात रख चुकी हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
डीडी कॉलोनी की रेखा, जो बागवानी का काम करती हैं, ने बताया कि एक ठेकेदार ने उनका एक साल का पीएफ और एक महीने की तनख्वाह रोक रखी है। केवल छह हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने वाली रेखा ने कहा कि वह कई बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
बसंत विहार स्कीम-3 निवासी शिवचरण शर्मा ने मोहल्ले के नाले से निकलने वाली जहरीली गैस की शिकायत की। उनका कहना है कि गैस से कई लोगों की तबीयत बिगड़ी है और घरों में लगे एसी भी खराब हो चुके हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
राजगढ़ की नेहा कुमारी ने बताया कि उन्होंने 2020-21 में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, पर अब तक राशि नहीं मिली। उन्होंने भी यही कहा कि बार-बार आने के बावजूद हर बार सिर्फ़ आश्वासन ही मिलता है।
लोगों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई में केवल अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई जाती है, पर फाइलें फिर भी धूल फांकती रहती हैं और जनता की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।















