सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2025 को 1995 के वक्फ कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वक्फ अधिनियम 1995 की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई जरूर होगी, लेकिन जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक इस कानून पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई जाएगी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि वक्फ अधिनियम धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और एक विशेष धर्म को अनुचित लाभ देता है। उनका कहना था कि यह कानून अन्य समुदायों की संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड को अनुचित अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे में गंभीर संवैधानिक प्रश्न शामिल हैं, जिन पर विस्तार से सुनवाई की आवश्यकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और वक्फ बोर्ड से जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी। फिलहाल कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के प्रावधानों को लेकर किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं की जाएगी। यह मामला अब संविधान पीठ के समक्ष जाएगा। कोर्ट के इस निर्णय को विभिन्न समुदायों और संगठनों की नजर से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।















