उत्तर प्रदेश में PET (Preliminary Eligibility Test) पास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। अब PET परीक्षा की वैधता को एक साल से बढ़ाकर चार साल कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि जो भी अभ्यर्थी PET परीक्षा पास कर लेते हैं, उन्हें अब हर साल इस परीक्षा को दोबारा देने की जरूरत नहीं होगी। पहले PET की वैधता केवल एक वर्ष थी, जिससे लाखों युवाओं को हर साल दोबारा परीक्षा देनी पड़ती थी, चाहे उन्होंने पहले अच्छे अंक ही क्यों न प्राप्त किए हों। इस निर्णय से न केवल युवाओं का समय और पैसा बचेगा, बल्कि उन्हें नौकरी की तैयारी पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा। PET परीक्षा के आधार पर ही उत्तर प्रदेश में विभिन्न सरकारी भर्तियों जैसे ग्रुप ‘C’ पदों के लिए मुख्य परीक्षा में बैठने की पात्रता मिलती है। वैधता बढ़ने से आयोग पर भी परीक्षा आयोजित करने का बोझ कम होगा। योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए युवाओं ने इसे रोजगार प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। यह फैसला लाखों बेरोजगारों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है।















