जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आतंकवाद को केवल बंदूक से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसे समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि यह हमला कोई पहली बार नहीं है, इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में कई हमले हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम में यात्रा के कैंप पर कई बार हमले हो चुके हैं, डोडा में भी हमले देखे गए हैं, कश्मीरी पंडितों की बस्तियों और सरदारों की बस्तियों पर भी हमले हुए हैं। लेकिन अब 21 साल बाद पहलगाम में इतना बड़ा हमला हुआ है, जो चर्चा का विषय बन गया है।















