छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अगले चैत्र नवरात्रि तक नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाए। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई और विकास कार्यों के चलते नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि दंतेवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अब स्थायी शांति और विकास की राह मजबूत हो रही है। शाह ने जनता से अपील की कि वे शांति और प्रगति की इस लड़ाई में सरकार का साथ दें।
VIDEO | Addressing a public gathering in Chhattisgarh's Dantewada, Union Home Minister Amit Shah (@AmitShah) says, "Gone are those days when bullets were fired here (in Bastar) and bomb blasts used to take place. Thus, I once again urge those who have weapons in their hands and… pic.twitter.com/JV4I1PuBp9
— Press Trust of India (@PTI_News) April 5, 2025
शाह ने बाबू जगजीवन राम को दी श्रद्धांजलि
गृह मंत्री ने कहा कि आज बाबू जगजीवन राम की जयंती है और मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूं. उन्होंने दलितों, पिछड़ों, गरीबों, आदिवासियों आदि के लिए काम किया और अपना पूरा जीवन उनके लिए समर्पित कर दिया. वे स्वतंत्रता संग्राम में शामिल थे और स्वतंत्रता के बाद देश के विकास में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मां दंतेश्वरी की कृपा से उनका संकल्प पूरा होगा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया है. आज बहुत मजबूती के साथ नक्सलवाद से लड़ाई जारी है. हमें लगातार सफलता मिल रही है. मुझे पूरा भरोसा है कि मां दंतेश्वरी की कृपा से उनका संकल्प अवश्य पूरा होगा.
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज
2023 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गए हैं. सुरक्षा बलों ने अब तक करीब 350 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें से ज्यादातर बस्तर इलाके से हैं. हाल ही में 29 मार्च को बस्तर क्षेत्र में हुई दो मुठभेड़ों में 11 महिलाओं समेत 18 नक्सली मारे गए थे. शाह ने 1 अप्रैल को कहा था कि भारत में वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हो गई है.















