भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर की अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से वापसी की प्रतीक्षा जल्द ही समाप्त होने वाली है। नासा ने पुष्टि की है कि उनकी वापसी मार्च 2025 के अंत तक निर्धारित दोनों जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से आठ दिन के मिशन के लिए ISS पर गए थे, लेकिन यान में तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी में देरी हुई।
अब, स्पेसएक्स के क्रू-10 मिशन के तहत 12 मार्च 2025 को नए अंतरिक्ष यात्रियों को ISS भेजा जाएगा, जिसके बाद विलियम्स और विल्मोर स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन कैप्सूल से पृथ्वी पर लौटेंग यह कैप्सूल अटलांटिक महासागर या मैक्सिको की खाड़ी में लैंड करेगा, जहां रिकवरी टीमें उन्हें सुरक्षित किनारे पर लाने के लिए तैयार रहेंगी।
वापसी से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनीता विलियम्स ने कहा कि उन्हें अंतरिक्ष की हर चीज याद आएगी। उन्होंने अपने लंबे प्रवास के दौरान कई वैज्ञानिक अनुसंधानों में योगदान दिया है।
स्पेसएक्स और नासा की टीमें उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं, जिससे यह मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।















