मालाखेड़ा। उपखंड क्षेत्र के ढाकपुरी गांव में सामाजिक समरसता, भाईचारा तथा सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बुजुर्गों की चलाई गई परिपाटी आज भी कायम है। सर्व समाज के पंच पटेल की मौजूदगी में युवा पीढ़ी पारिवारिक कार्य में मौजूद रहकर सभी कार्य को करती है। इस दौरान बुजुर्ग पंच पटेल पंडाल के नीचे चल रहे भोजन जीमन के कार्यक्रम पर निगरानी रखकर पूरी तरीके से मुस्तैद रहते हैं। इस गांव में किसी भी परिवार में शादी विवाह या कोई भी सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होता है तो उसकी जिम्मेदारी पंच पटेल की होती है।
और जिसके घर मे यह आयोजन होता है उसको कोई परेशानी नहीं होती है । शादी विवाह या सामाजिक सरोकारों से जुड़े किसी भी कार्य को करने के दौरान पंच पटेल की टीम मौजूद रहती है। रविवार को आयोजित इस सामूहिक जीमन कार्यक्रम में भारत सिंह चौधरी, सज्जन सिंह जाट, नेमीचंद जाट, राम सिंह चौधरी, कृपा दयाल शर्मा, जगदीश शर्मा, धर्मे चौधरी, प्रसादी जाट, रामनिवास, पुन राम, रोहतास सिंह राजपूत सहित अन्य बुजुर्ग पटेल मौजूद रहे। बुजुर्गों की टीम की उपस्थिति में युवा पीढ़ी के युवाओं ने भोजन बनवाने, परोसने, झूठी पत्तल दोने को डस्टबिन में उठाकर निस्तारण करवाया । बुजुर्गों का कहना है इस परंपरा से प्यार प्रेम भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहता है। समाजसेवी भारत सिंह ने बताया इस गांव में किसी भी जाति बिरादरी के शादी विवाह या सामाजिक कार्यक्रम होता है तो पंच पटेल की टीम मौजूद रहती है और युवा पीढ़ी बड़े बुजुर्गों के दिशा निर्देश में सभी काम को करती है। बुजुर्गों की चलाई गई परंपरा आज भी जीवित है। पी टीसी अवधेश सिंह















