नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 यात्रियों की दुखद मृत्यु हो गई, जिनमें 14 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल थे। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर घटना को छिपाने का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन पर भारी भीड़ थी, और प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा के बाद अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई। रेलवे ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।इस हादसे के बाद, रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
My deepest condolences to the loved ones of those who died in the New Delhi Railway Station stampede. This was an avoidable tragedy.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 15, 2025
The BJP government is trying to cover up what happened. This is what needs to be done instead:
1. Appointing an independent, judicially-monitored…
ओवैसी ने की ये 2 मांगें
ओवैसी ने सरकार पर हमला बोलते हुए 2 मांग की हैं. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली भगदड़ की जांच के लिए एक स्वतंत्र एसआईटी का गठन किया जाना चाहिए, जो हादसे की असल वजह बताएं. दूसरी मांग में उन्होंने रेलवे प्रशासन पर ही हमला बोला है और रेलवे की तरफ से हुए मिसमैनेजमेंट और सिस्टम की गलती की जांच की मांग की है.
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे लाखों भारतीयों के लिए एक जीवन रेखा है. यह मोदी सरकार के मिसमैनेजमेंट के लायक नहीं है.
नई दिल्ली स्टेशन पर इस से बेहतर इंतज़ाम किए जाने चाहिए थे: पवन खेड़ा
नई दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ की घटना दुखद है. कुंभ के इतने बड़े आयोजन के चलते नई दिल्ली स्टेशन पर इस से बेहतर इंतज़ाम किए जाने चाहिए थे. एक दर्जन के लगभग लोगों के घायल होने की सूचना है. जैसे तैसे लोगों को पार्सल ठेले पर ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उम्मीद है सब सुरक्षित अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच पाएं.















