कांग्रेस पार्टी की नेता और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह नौकरी के आवेदन फॉर्म पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाने के माध्यम से युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। प्रियंका गांधी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी देने में असमर्थ है, लेकिन अब आवेदन फॉर्म पर जीएसटी लगाकर उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है।
प्रियंका ने कहा कि सरकार को रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए, न कि युवाओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार ने युवाओं से अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसा कदम उठाया है, जबकि नौकरी पाने के लिए आवेदन करना पहले से ही एक महंगा और तनावपूर्ण प्रक्रिया बन चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम केवल बेरोजगारी के संकट को और बढ़ाएगा, क्योंकि इसके परिणामस्वरूप लाखों युवाओं को नौकरी की तलाश में और भी अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। प्रियंका गांधी ने सरकार से मांग की कि वह जीएसटी को वापस ले और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करे।
इस मुद्दे पर प्रियंका का यह बयान एक बार फिर से केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, खासकर उस समय जब देश में बेरोजगारी का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।















