दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत चौथी श्रेणी की पाबंदियां 5 दिसंबर तक जारी रहेंगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह प्रदूषण स्तर में सुधार का मूल्यांकन करना चाहता है और इस आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय करेगा। इस समय ग्रैप 4 पाबंदियों के चलते निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है, जिससे निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को आर्थिक मुश्किलें आ रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की लापरवाही पर चिंता जताई है, खासकर मजदूरों को मुआवजा देने के मामले में। कोर्ट ने कहा कि मजदूरों को मुआवजा देने में राज्यों का रवैया ढीला है। इसके बाद दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान के मुख्य सचिवों को गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं।इस मामले में राज्य सरकारों से प्रदूषण को नियंत्रित करने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए ठोस कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।















