अलवर: जिला श्रमिक एवं कर्मचारी समन्वय समिति की ओर से का.पृथ्वी सिंह नरूका की अध्यक्षता मे मजदूर किसान एकता के आव्हान पर अलवर मे आयोजित कर विरोध प्रदर्शन किया गया। धरने को वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की कडी भृत्सर्ना करते हुए कहा कि देश के निर्माता मजदूर किसान की आर्थिक हालत बदतर हो रही हैं, देश में मँहगाई, बेरोजगारी अपनी चरम पर हैं, वहीं सरकार तेजी से सरकारी संस्थाओं का प्राइवेटाइजेशन कर रही हैं, देश के नौजवान ड्रग्स एवं आँनलाइन जुआ व सट्टेबाजी का शिकार हो रहा है, सरकार की नीतियों के कारण देश की 80करोड़ आबादी को 5किलो राशन लेने को,किसानों को किसान निधि के रूप में दो हजार रुपये लेने, को मजबूर कर दिया है, देश में साम्प्रदायिक तनाव को सरकार बढावा देकर जनता की मूलभूत समस्याओं से ध्यान भटकाने का लगातार प्रयास कर रही हैं, जिससे देश में आपसी भाईचारे को नुकसान हो रहा है, सरकार द्वारा किसानों से किए गए वायदो पूरा नहीं कर रही हैं, वहीं श्रमिक के पक्ष के कानूनों को समाप्त कर चार कोड लेकर आई हैं धरने मे मजदूर किसान एकता द्वारा जारी 12सूत्रीय मांग पत्र भी वक्ताओं ने प्रकाश डाला, धरने को का.हरिओम चुघ, गंगा राम शर्मा, मनमोहन सैनी, राकेश तिवाड़ी,गजराज सिंह, राजकुमार बक्सी,रघुनाथ बवेजा,विनोद कुमार सैनी, एवं भोलाराम शर्मा ने सम्बोधित किया धरने पर बनवारीलाल, कैलाश सैनी, बिशन लाल सैनी, छोटे लाल,बाबू लाल गौड, रमेश कालडा,अनन्त कुमार, बुद्धि लाल शर्मा, सुरेश चन्द्र,विजय सिंह चौहान, चिरंजी लाल,भीम सेन,सीताराम खुराना, पदम चन्द्र रणजीत सिंह, कुसुम सैनी, सन्तोष कुमार, गोविंद सिंह, अशोक शर्मा, डी.के.शर्मा, बाबू लाल सैनी, नन्द लाल,जयप्रकाश देव राम सिंह, सीएम.बैरवा, श्योराम, नारायण लाल,दुर्गा देवी
सहित उपस्थित थे धरने पश्चात प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया, धरने का समापन अध्यक्ष पृथ्वी सिंह नरूका ने किया, धरने संचालन महासचिव तेजपाल सैनी ने किया।















