नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संविधान दिवस के अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने दलितों, जाति जनगणना, और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर दिया। भाषण के दौरान बिजली चली गई, लेकिन वापस आने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी।
राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार पर संविधान के मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने संविधान को “सत्य और अहिंसा” की किताब बताते हुए कहा कि इसमें झूठ और हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने रोहित वेमुला जैसे दलित मुद्दों को उठाते हुए सरकार की आलोचना की।
राहुल गांधी ने तेलंगाना में शुरू हुई जाति जनगणना की पहल की प्रशंसा की और कहा कि कांग्रेस जहां भी सत्ता में आएगी, वहां जाति जनगणना को प्राथमिकता देगी। उन्होंने पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों की कम भागीदारी को उजागर करते हुए आरक्षण की सीमा 50% से अधिक करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस केवल अमीरों को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
यूपीए सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने मनरेगा और भोजन के अधिकार का जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार ने समाज में असमानता की दीवार तोड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने लोकसभा में जाति जनगणना और आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए संकल्प जताया।















