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मुज़फ्फरनगर।भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा आयोजित किसान अधिकार पदयात्रा का पहला दिन शानदार रहा। यह यात्रा, जो 23 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर से शुरू हुई, का उद्देश्य दिल्ली से देहरादून को जोड़ने वाले इकोनॉमिक कॉरिडोर पर स्थित भाज्जू कट की मांग को लेकर जन जागरूकता फैलाना और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाना है।
यात्रा की पृष्ठभूमि
भाज्जू कट को लेकर किसानों ने पिछले कई महीनों से आंदोलन किया है। इस मांग को लेकर समय-समय पर पंचायतें आयोजित की गई हैं और प्रशासन के साथ वार्ताएँ भी हुई हैं। 17 अक्टूबर को सिसौली स्थित किसान भवन में आयोजित मासिक पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि 23 और 24 अक्टूबर को पदयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा किसानों की आवाज को मजबूती देने और उनके हक के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण कदम ह
यात्रा की शुरुआत
पदयात्रा की शुरुआत भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के द्वारा की गई। उनके साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने भी यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा विभिन्न गाँवों से होती हुई गुजरी, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। यात्रा के दौरान गाँवों में पुष्प वर्षा की गई, और किसानों के लिए दूध, भोजन और फलों की व्यवस्था की गई।
चौधरी राकेश टिकैत का संदेश
यात्रा के दौरान चौधरी राकेश टिकैत ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “हमारा यह संघर्ष खेती किसानी वर्ग के लिए ऐसे ही जारी रहेगा। भाज्जू कट हमारी प्राथमिकता और अधिकार है, जिसके लिए हम यह लड़ाई जारी रखेंगे।” उनका यह संदेश किसानों के बीच एकजुटता और संघर्ष की भावना को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण था।
रात्रि विश्राम और आगे की योजना
आज की यात्रा का रात्रि विश्राम मुजफ्फरनगर के शाहपुर कस्बे में होगा। 24 अक्टूबर को, पदयात्रा फिर से शुरू होकर भाज्जू कट की दिशा में आगे बढ़ेगी।
समापन
इस पदयात्रा ने स्थानीय किसानों के बीच एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। यह स्पष्ट है कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के अधिकारों के लिए अपने संघर्ष को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकारों के लिए एक सामूहिक प्रयास है, जो निश्चित रूप से आगे भी जारी रहेगा।
















