शिवसेना की विधायक यामिनी जाधव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुस्लिम महिलाओं को बुर्का बांटती दिख रही हैं. इस वीडियो को लेकर अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. उनके इस वीडियो पर उनकी सहयोगी सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी भी असहमत दिख रही है और कहा है कि इस तरह के तुष्टीकरण की राजनीति का समर्थन वह नहीं करती. वहीं, उद्धव ठाकरे की पार्टी ने हमला बोलते हुए कहा है कि शिंदे सेना सिर्फ दिखावे के लिए हिंदुत्व की बात करती है. एक तरफ ये लोग स्कूल-कॉलेज में बुर्का पहनने का विरोध करते हैं और दूसरी तरफ शिविर लगाकर बुर्का बांट रहे हैं.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी की विधायक, महाराष्ट्र के भायखला निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो कि मुस्लिम बहुल आबादी वाला क्षेत्र है. इसीलिए उन पर आरोप लग रहे हैं कि वह ऐसा कदम चुनाव में लाभ के लिए उठा रही हैं.
वायरल वीडियो में जाधव कहती नजर आ रही हैं, ‘अगर विपक्ष को लगता है कि बुर्का, हिजाब बांटना यामिनी जाधव या यशवंत जाधव (उनके पति एवं शिवसेना नेता) द्वारा मुसलमानों का विश्वास जीतने और राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है, तो यह गलत है, मैं यह काम राजनीति के लिए नहीं कर रही.’बीजेपी के मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलर ने कहा, यह विधायक का विशेषाधिकार है कि वह अपनी निर्वाचन क्षेत्र में जो चाहे वह बाटे, लेकिन बीजेपी तुष्टीकरण की राजनीति को स्वीकार नहीं करती है. यामिनी जाधव के इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (उद्धव गुट) की प्रवक्ता सुषमा अंधरे ने कहा, जाधव इसलिए निशाने पर हैं क्योंकि वह दलबदलू विधायकों के समूह से हैं, जो सिर्फ दिखावे के लिए हिंदुत्व की बात करते रहते हैं.















