यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के बयान पर सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. समाजवादी पार्टी के मुखिया और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सीएम योगी देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं. इसलिए बांग्लादेश पर बयान दें रहे हैं जबकि ये काम तो भारत सरकार का है.
अखिलेश यादव ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है. मुख्यमंत्री जी पहले भी इस तरह के बयान देते रहे हैं. मैं चाहता हू कि दिल्ली वाले उन्हें समझाएं कि उनके काम मैं ये हस्तक्षेप न करें. उन्होंने कहा कि जो काम भारत सरकार का है वो काम हमारे राज्य के मुख्यमंत्री कर रहे हैं.
क्या कहा था सीएम योगी ने?
मुख्यमंत्री ने सोमवार को आगरा में जन्माष्टमी के एक कार्यक्रम में बांग्लादेश का जिक्र करते हुए लोगों से कहा कि देख रहे हैं ना वहां क्या हो रहा है. इसलिए कह रहा हूं कि बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे. बचे रहेंगे और सुरक्षित रहेंगे.
इससे ठीक पहले मथुरा में एक कार्यक्रम में सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को फिलिस्तीन दिखाई देता है मगर पड़ोसी देश में हिन्दुओं पर हो रहा अत्याचार दिखाई नहीं देता. पड़ोसी मुल्क में हिंदू मंदिर तोड़े जा रहे हैं. इसीलिए हम सबको वर्तमान की चुनौतियों को देखना पड़ेगा.
सीएम बोले- बांग्लादेश की घटना पर विरोधियों के मुंह बंद हैं
सीएम ने आगे कहा कि आपने देखा होगा कि बांग्लादेश की घटना पर इन सबके (विरोधियों) मुंह बंद हैं क्योंकि उन्हें भय है कि अगर वे बोलेंगे तो उनके वोट बैंक खिसक जाएंगे. उनके पैरों की जमीन जिस पर वे खड़े हैं वह अंगारे उन्हें ही जलाते दिखाई देंगे. इसलिए वे मौन हैं, इस पर बोल नहीं सकते. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में बांग्लादेश को बचाने में हमारे सैनिकों ने भी बलिदान दिया था.
‘हमारी विरासत का संरक्षण होने चाहिए’
उन्होंने कहा कि यह देश रहना चाहिए, सनातन धर्म हर हाल में रहना चाहिए. हमारी विरासत का संरक्षण होने चाहिए. हमें यह भी याद करना होगा कि 1947 से पहले बांग्लादेश भी भारत का ही हिस्सा था. हमें यह नहीं भूलना चाहिए की 1971 में बांग्लादेश को आजाद कराने के लिए हमारे सैनिकों ने भी बलिदान दिया था.















