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क्रांतिकारी शालू सैनी: लावारिसों की वारिस बनकर अंतिम संस्कार करने वाली एकल माँ
क्रांतिकारी शालू सैनी ने रचा इतिहास ठेला लगाने वाली सिंगल मदर बन चुकी है हर लावारिसो की वारिस अपने हाथो से करती है लावारिस लाशों के दाह संस्कार आज फिर सहर कोतवाली से मिली जानकारी के अनुसार एक साथ 2 मर्तको के अपने हाथो से अंतिम संस्कार, क्रांतिकारी शालू सैनी। क्रांतिकारी शालू सैनी को फोन पर दें सूचना लावारिस की वारिस बनकर अपने हाथो से देती है मुखाग्नि आज की सेवा का सहयोग प्रमेंद्र दहिया जी राजेश शर्मा जी व क्रांतिकारी शालू सैनी का रहा। साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष लावारिसो की वारिस क्रांतिकारी शालू सैनी अब तक हजारों लावारिस शवों के निशुल्क अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन कर चुकी हैं जिसके चलते अब उनकी पहचान लावारिसो की वारिस के रूप में होने लगी हैं और ये पहचान उन्होंने खुद अकेले एक महिला होते हुए बनाई है जो कि एक गौरव का विषय है आज फिर शालू सैनी ने एक साथ दो मृतकों को अपना नाम देते हुए उनका अन्तिम संस्कार किया वही क्रांतिकारी शालू सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज उन्हें जनपद मुजफ्फरनगर के सहर कोतवाली से 2 लावारिस शवों की सूचना दी गई जिसकी सूचना मिलते ही क्रांतिकारी शालू सैनी ने मर्तको की वारिस बनकर अंतिम संस्कार पुरे विधि विधान से किया और ईश्वर से प्रार्थना की कि ईश्वर मृतक की आत्मा को शांति दे और अपने श्री चरणों में स्थान दे क्रांतिकारी शालू सैनी ने आमजन से भी अपील की कि नेक सेवा में इच्छा अनुसार सहयोग भी करे व लावारिस शव या कोई परिवार अंतिम संस्कार करने में असमर्थ हो तो अंतिम संस्कार हेतु संपर्क करे।
















