मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना क्षेत्र में 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर दीवान क्लीनिक पर भव्य आयोजन किया गया, जहां ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने एकजुट होकर भारत की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति सम्मान प्रकट किया।
गणतंत्र दिवस के मौके पर बुढ़ाना के कई सम्मानित नागरिक, समाजसेवी और राजनीतिक प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे, सौहार्द और खुशियों को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत माहौल देखने को मिला और भारत माता के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष राशिद फिरोज ने इस अवसर पर गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 जनवरी भारतीय लोकतंत्र का सबसे गौरवशाली दिन है। इसी दिन भारत ने अपना संविधान लागू कर स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। उन्होंने बताया कि देश का पहला गणतंत्र दिवस समारोह दिल्ली के पुराना क़िला के सामने स्थित ब्रिटिश स्टेडियम में आयोजित हुआ था, जहां आज दिल्ली का चिड़ियाघर है और स्टेडियम की जगह पर नेशनल स्टेडियम मौजूद है।
उन्होंने आगे बताया कि देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने जैसे ही तिरंगा झंडा फहराया, उसी क्षण से गणतंत्र दिवस परेड की ऐतिहासिक शुरुआत हुई थी। सबसे पहले तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा। उस ऐतिहासिक मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे। उनके साथ सी. राजगोपालाचारी भी उपस्थित थे, जो उस समय अंतिम ब्रिटिश वायसरॉय लॉर्ड माउंटबेटन के स्थान पर गवर्नर-जनरल का पद संभाल रहे थे।
कार्यक्रम में डॉक्टर नईम अली, आरिफ अब्बासी, राशिद फिरोज, शब्बीर कुरैशी, हाफिज निजामुद्दीन, अबरार कुरैशी, हाफिज सईद, शाहलम राणा, डॉ शोएब राणा, डॉ हिमांशु, डॉ मुफीद अली, समीर सलमानी, राशिद मलिक, जाकिर उस्मानी और हाजी शाहनवाज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर संविधान की गरिमा बनाए रखने और देश की तरक्की में योगदान देने का संकल्प लिया।















