बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से छह महीने की अंतरिम जमानत मिल गई है। यह राहत उन्हें स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की बेंच ने बुधवार को आसाराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए उन्हें अस्थायी तौर पर जमानत दी जा रही है। फिलहाल आसाराम का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उल्लेखनीय है कि आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं और पहले भी कई बार मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए जमानत पर बाहर आ चुके हैं।
क्यों है जेल के अंदर आसाराम?
एक स्कूली छात्रा से बलात्कार के आरोप के बाद वह अगस्त 2013 से जेल में हैं. आसाराम पर एक 16 साल की लड़की का रेप करने का आरोप है. पीड़िता के माता-पिता आसाराम के ही अनुयायी थे, बाद में माता पिता ने आसाराम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और उन्हें गिरफ्तार किया गया.इसके दो महीने बाद ही आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर गुजरात के सूरत स्थित अपने आश्रम में दो बहनों के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के एक अन्य मामले में आरोप लगाए गए. आसाराम का बेटा भी जेल में बंद है.
आसाराम छह माह के जेल से बाहर रहेंगे। उपचार के लिए रहेंगे अंतरिम जमानत पर#जोधपुर #Jodhpur pic.twitter.com/85HWvmcvqu
— Durag Singh Rajpurohit 🇮🇳 (@BarmerDurg) October 29, 2025
साल के शुरू में भी मिली थी जमानत
इसी साल भी सर्वोच्च न्यायालय ने 2013 के बलात्कार मामले में आसाराम को चिकित्सा आधार पर जनवरी से मार्च के अंत तक अंतरिम जमानत दी थी. न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने आदेश दिया था कि अंतरिम जमानत पर बाहर रहने के दौरान वह सबूतों को प्रभावित करने या अपने अनुयायियों से मिलने का प्रयास नहीं करेंगे.अदालत ने कहा था कि आसाराम उम्र से संबंधित कई स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त हैं और उन्हें पहले दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है. उनकी जमानत का कई संगठन विरोध भी करते आए हैं.















