36 दिन में मिले कोरोना के 51 मरीज, जांच की गति धीमी

गाजियाबाद। फरवरी और मार्च के 36 दिनों में 51 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस पर गंभीर नहीं हो रहा है। आलम यह है कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना जांच की व्यवस्था तक शुरू नहीं की गई है।

ऐसे में निजी लैब पर जाकर लोग साढ़े तीन सौ से चार सौ रुपये में जांच करा रहे हैं। इन संक्रमितों के परिवार की निगरानी भी सरकारी स्तर से नहीं की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
कोरोना संक्रमण बढ़ना शुरू हो गया है, लेकिन संक्रमितों के परिजनों की जांच स्वास्थ्य विभाग नहीं करा रहा है। एक सप्ताह में 28 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्रों में सात संक्रमित ऐसे थे, जिनके पिता, दादा और मां पहले कोरोना संक्रमित हुए थे, बाद में उनके बेटे, बेटियां और पोते भी संक्रमित हो गए। इसकी पुष्टि भी परिजनों के खुद कोरोना जांच कराने के बाद हुई। वर्तमान में 29 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।

फरवरी में मिले थे 23 मरीज, मार्च में सात दिन में 28 कोरोना संक्रमण के फरवरी महीने में 23 मरीजों की पुष्टि हुई थी, जबकि एक सप्ताह यानि मार्च माह में अब तक 28 मरीज मिल चुके है। वहीं, अधिकांश मरीजों में खांसी, जुकाम, बुखार, सीने में दर्द, सांस फूलने जैसे लक्षण मिले है, इसके अलावा कुछ मरीजों में नींद न आना, जी मिचलाने जैसे लक्षण भी सामने आए है। बृहस्पतिवार को 86 सैंपल की जांच की गई, इनमें 84 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें सबसे अधिक वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम में मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 28 में 15 संक्रमितों की पुष्टि उसी क्षेत्र में हुई है।

24 घंटे में मिले दो संक्रमित

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को दो संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इस समय जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 29 हो गई है। इसमें से 20 होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं, जबकि नौ मरीज अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि साहिबाबाद निवासी 65 वर्षीय एक बुजुर्ग को चार मार्च से खांसी, नींद न आने और सांस फूलने की परेशानी थी। निजी चिकित्सक से उपचार कराने के दौरान भी आराम नहीं मिलने पर उन्हें कौशांबी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके अलावा प्रताप विहार निवासी 55 वर्षीय एक व्यक्ति को छह मार्च से उल्टी, जी मिचलाना, सीने में दर्द की शिकायत हो रही थी।
परिजन इलाज कराने के लिए नोएडा के एक निजी अस्पताल में ले गए। जांच में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां अन्य बीमारी समेत कोरोना का इलाज चल रहा है। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि संक्रमण की पुष्टि होने पर कई मामलों में घर वाले जांच कराने से इंकार कर देते हैं, उन लोगों का तर्क होता है कि निजी लैब में जाकर स्वयं जांच करा लेंगे। इस कारण से वह निजी लैब में जांच करा रहे हैं।

सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि सभी संक्रमित के परिजनों का कोरोना जांच कराने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी मरीज के परिजन की जांच नहीं हुई है तो यह गंभीर मामला है। इसके बारे में जिला सर्विलांस अधिकारी से जानकारी ली जाएगी। सीएमओ का कहना है कि मरीज के परिजनों की जांच होनी अनिवार्य है। वह निजी लैब में भी जांच करा सकते हैं। किसी को सरकारी लैब में जांच कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts