उत्तरप्रदेश ।आवंटित पट्टा क्षेत्रफल के बाहर मौरंग के अवैध खनन और परिवहन करने पर कमासिन थानाक्षेत्र के दादौंखादर पर . और देहात कोतवाली क्षेत्र की पथरी खदान पर 18.18 लाख रुपये का जुर्माना हुआ है.दोनों पट्टाधारकों को खनिज विभाग की ओर से नोटिस जारी की गई है.
खान अधिकारी अर्जुन सिंह ने बताया कि दादौंखादर खंड संख्या सात का 12 हेक्टयर रकबा मेसर्स फाल्गुन गिरि माइन्स पार्टनर आलोक कुमार शुक्ला को मौरंग खनन के लिए आवंटित हैं. पुलिस और राजस्व टीम के साथ आवंटित पट्टा क्षेत्रफल की जांच की गई. जांच में सामने आया कि पट्टाधारक ने आवंटित क्षेत्र के बाहर 98 मीटर अवैध खनन किया. अवैध खनन की मौरंग का परिवहन बिना ईएमएम-11 के किया गया. पट्टाधारक पर लाख हजार 0 रुपये का जुर्माना करते हुए नोटिस निर्गत की गई है. वहीं, देहात कोतवाली क्षेत्र की पथरी खदान में भी मौरंग का अवैध खनन मिला. पथरी में 46.44 एकड़ रकबा पर अवेधश त्रिपाठी के पक्ष में मौरंग खनन का पट्टा आवंटित है. खदान में जांच की गई तो आवंटित पट्टा क्षेत्र के बाहर 1354 ष्घनमीटर मौरंग का अवैध खनन मिला. पट्टाधारक ने बिना ईएमएम -11 जारी किए मौरंग का अवैध रूप से परिवहन किया थात्र. पट्टाधारक पर 17 लाख 18 हजार 600 रुपये का जुर्माना करते हुए नोटिस निर्गत की गई है.
जलधारा में खनन की नहीं हो सकती जांच
पट्टाधारक आवंटित पट्टा क्षेत्रफल के बाहर अवैध खनन करते हैं तो खनिज और राजस्व विभाग जांच में पकड़ा लेता है. लेकिन एनजीटी के नियमों के विपरीत जलधारा में खनन की जांच अफसर नहीं कर पाते हैं. जलधारा में खनन जांचने का विभाग के पास कोई तरीका नहीं है. चर्चाओं के मुताबिक, खप्टिहाकलां स्थित खदान 56 बटा एक, कोलावल रायपुर, बदौसा, महुटा, लहुरेटा, बहादुरपुर स्योढ़ा में रात के अंधेरे भारी-भरकम पोकलैंड मशीनों के जरिए जलधारा में खनन होता है.















