पाकिस्तान में एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर हंगामा मचा हुआ है. जेल में बंद इमरान खान की पार्टी ने शुक्रवार को बड़ा दावा किया है. पार्टी ने दावा किया है कि सरकार के खिलाफ इमरान खान की पार्टी विरोध प्रदर्शन करने वाली थी. लेकिन, तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रदर्शन को विफल करने के लिए पार्टी के 1 हजार से ज्यादा समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है. ये गिरफ्तारियां ऐसे समय हुईं जब पार्टी उस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही थी, जिसे वो आसिम कानून कहती है. इस शब्द का हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को भेजे गए एक संदेश में इस्तेमाल किया था. विपक्ष आसिम कानून शब्द का इस्तेमाल आलोचना करने के लिए करती है. इसका मतलब, ऐसे शासन से है जिसमें कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जाता है, असहमति जताने वालों को दंडित किया जाता है और सूचना पर नियंत्रण रखा जाता है.
दर्जनों वाहनों को रोका
इमरान खान की पार्टी के नेता मोईन रियाज कुरैशी ने कहा कि पंजाब पुलिस ने लाहौर में पार्टी के समर्थकों के दर्जनों वाहनों को भी दाखिल होने से रोक दिया. उन लोगों की गाड़ियों को रोक दिया गया जो वरिष्ठ पार्टी नेता और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के साथ प्रदर्शन के लिए आए थे.
क्या है PTI की मांग
पीटीआई की स्थापना करने वाले इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. इमरान खान देश में इस समय भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों का सामने कर रहे हैं. हाल ही में उन्हें तोशाखाना II मामले में सजा सुनाई गई है. इसके बावजूद वो विपक्षी आंदोलन में एक केंद्रीय और प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं. पंजाब प्रांत से सोहेल अफरीदी और अन्य वरिष्ठ नेता एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करने वाले हैं. इनकी मांग है कि इमरान खान को रिहा किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाए.
पार्टी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई के कई नेता पंजाब प्रांत भर में सड़क पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे, जिनका मकसद पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई की मांग करना था. हालांकि, पीटीआई ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों से पहले उसके बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और पार्टी नेताओं को लेकर जा रहे वाहनों को लाहौर में प्रवेश करने से रोक दिया गया.
शहर में रोकी एंट्री
पीटीआई के नेता मोईन रियाज कुरैशी ने कहा, अफरीदी शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ इस नए सड़क आंदोलन की शुरुआत करने के लिए लाहौर पहुंचे हैं. लेकिन, पंजाब पुलिस ने उनके साथ आ रहे पीटीआई समर्थकों के दर्जनों वाहनों को लाहौर में प्रवेश करने से रोक दिया. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने पीटीआई कार्यकर्ताओं पर नजर रखने के लिए शहर के प्रवेश और निकास मार्गों को बंद कर दिया था.पीटीआई इससे पहले भी कम से कम दो बार देशभर में सड़क पर आंदोलन करने की कोशिश कर चुकी है. ताजा योजना की घोषणा उस दिन के एक दिन बाद की गई, जब एक अदालत ने तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई.
इमरान खान ने दिया था बड़ा संदेश
इससे पहले इसी हफ्ते, रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट के जरिये सोहैल अफरीदी से कथित आसिम कानून के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व करने को कहा था. उन्होंने लिखा, सोहैल अफरीदी के लिए मेरा संदेश है कि सड़क पर आंदोलन की तैयारी करें. पूरे देश को अपने अधिकारों के लिए उठ खड़ा होना चाहिए. न्याय के लिए संघर्ष करना एक पवित्र कर्तव्य है और मैं अपने देश की हकीकी आजादी के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं. इमरान खान ने यह भी कहा कि इस समय पाकिस्तान पर पूरी तरह आसिम कानून का शासन है, जो चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर इशारा करता है.
मीडिया से बात करते हुए अफरीदी ने कहा कि पीटीआई कार्यकर्ताओं को पंजाब के कई इलाकों से लाहौर जाने से रोका गया. उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक सरकारें ऐसा व्यवहार नहीं करतीं. वहीं, पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने अफरीदी का लाहौर में स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही कहा कि सरकार किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दे.















