बांदा पुलिस ने 2300 किमी दूर असम पहुंचाई महिला

बांदा। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खाकी के पीछे भी एक संवेदनशील दिल धड़कता है। थाना बदौसा की मिशन शक्ति टीम ने एक ऐसी महिला को नई जिंदगी दी, जो रेलवे ट्रैक पर अपनी जान देने के लिए भटक रही थी। थाना बदौसा को सूचना मिली कि ग्राम महुराई में रेलवे पटरी किनारे एक अज्ञात महिला ट्रेन से कटने की नियत से घूम रही है। इस पर मिशन शक्ति टीम की प्रभारी ने बताया सूचना की गंभीरता को देखते ही हम तुरंत मौके पर पहुंचे। महिला की हालत देखकर लग रहा था कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और किसी भी वक्त कोई अनहोनी हो सकती है। हमने उसे तत्काल अपने संरक्षण में लेकर थाने लाया और वन स्टॉप सेंटर बांदा भिजवाया।थाने लाने पर महिला अपना नाम-पता तक नहीं बता पा रही थी। लगातार बड़बड़ा रही थी। महिला की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी। इस पर थाना बदौसा पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद ली।

महिला की फोटो को पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुपों, सोशल मीडिया और इंटर-स्टेट नेटवर्क पर साझा किया गया।कई दिनों की काउंसलिंग के बाद महिला ने अपना नाम रूपाली पत्नी अमरेती, पुत्री अनिराम, निवासी चिमान चोकरे, जनपद धेमाजी, असम बताया। इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल ने कहा ऑपरेशन मुस्कान सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि भटके हुए लोगों को उनके परिवार से मिलाने की हमारी मानवीय जिम्मेदारी है। बदौसा की मिशन शक्ति टीम ने सराहनीय कार्य किया है। हमने तय किया था कि महिला को सिर्फ बांदा में नहीं छोड़ेंगे, बल्कि सुरक्षित उसके राज्य तक पहुंचाएंगे। मिशन शक्ति टीम खुद महिला को लेकर बांदा से 2300 किलोमीटर दूर गुवाहाटी, असम के वन स्टॉप सेंटर गई और वहां सकुशल सुपुर्द किया। गुवाहाटी वन स्टॉप सेंटर ने पुष्टि की है कि महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है और जल्द ही वह अपने परिवार के बीच होगी।

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