कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की पांच दिन की न्यायिक हिरासत की निंदा की।
Waving the Tricolour at Jantar Mantar in a peaceful protest is not a crime. Jailing youth for it is an act of cowardice.
Students. Youth. Journalists. The INDIA bloc. Different banners, one cause. All protests are one: citizens demanding their constitutional rights.
Jantar Mantar belongs to the people of India. We will reclaim it.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 14, 2026
शांति पूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा फहराना अपराध नहीं-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई अपराध नहीं है। राहुल गांधी ने सोशल साइट X पर एक पोस्ट करते हुए कहा, ‘जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरतापूर्ण काम है। छात्र, युवा, पत्रकार, INDI गठबंधन सबके बैनर अलग अलग है लेकिन मकसद एक ही है। सभी विरोध प्रदर्शन एक ही है नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस हासिल करेंगे।’
अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी की अलोचना की
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी की आलोचना की और CJP नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘क्या अपने ही देश में अपना झंडा फहराना अपराध है? यह बिल्कुल बेतुका है।
दास और रंका पर बॉन्ड उल्लंघन का आरोप
पुलिस सूत्रों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दास और रंका को शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघ उन्होंने कहा कि शनिवार को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद दास और रंका ने एक साल तक शांति बनाए रखने के बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे।यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी सुरक्षा के बीच की गई है, क्योंकि CJP और अन्य संगठनों ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए हैं।
प्रधानमंत्री को आपातकाल की घोषणा करनी चाहिए-दीपके
इस पूरे घटनाक्रम पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया और मांग की कि अगर सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकना चाहती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक रूप से आपातकाल की घोषणा करनी चाहिए।न करने और जंतर-मंतर में जबरन प्रवेश करने के आरोप में बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और तिहाड़ जेल में डाल दिया गया है। जंतर-मंतर को हाल ही में विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में डि नोटिफाई कर दिया गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनधिकृत प्रवेश, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन और सरकारी कर्मचारी को आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से रोकने सहित कई आरोपों में मामला दर्ज किया।दीपके ने कहा,’आशु और सौरव को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनकी गलती क्या थी? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना।’दीपके ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘थोड़ी हिम्मत दिखाइए, @narendramodi। अगर आप असहमति को कुचलने के लिए इतने ही दृढ़ हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल की घोषणा करने का साहस दिखाइए।’
जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की मान्यता रद
सोमवार को अधिकारियों ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह के तौर पर दी गई मान्यता रद कर दी। विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली में CBD मैदान को वैकल्पिक जगहों के तौर पर चुना गया।आदेश के अनुसार, गृह मंत्रालय (MHA) ने ऐसी वैकल्पिक जगहों की पहचान करने के लिए एक समिति बनाई थी जहां नागरिक विरोध करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर की मान्यता रद की गई।














