पोप लियो को फेफड़े का कैंसर: कितना खतरनाक, वेटिकन का कामकाज कैसे चलेगा.

17 महीने पहले पोप की गद्दी पर बैठने वाले पोप लियो को कैंसर डिटेक्ट हुआ है. यह जानकारी वेटिकन की ओर से दी गई है. यह कैंसर उनके फेफड़े के दाएं भाग में पाया गया है. मंगलवार को एक गांठ की सर्जरी के दौरान इसकी जानकारी मिली है. हालांकि, पोप लियो अभी खतरे से बाहर हैं. वेटिकन की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक पोप लियो के दाहिने फेफड़े का एक हिस्सा निकालने के बाद उनमें फेफड़ों के कैंसर का पता चला है. पोप को फेफड़ों का एडेनोकार्सिनोमा है, जो कैंसर का एक सामान्य रूप है.मई 2025 में पोप फ्रांसिस के निधन के बाद पोप लियो को ईसाई का सबसे बड़ा धर्मगुरु नियुक्त किया गया. हाल ही में उन्हें फेफड़े में गांठ के बारे में जानकारी मिली, जिसको लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

यह पोप के जीवन के लिए खतरा है?

71 साल के पोप लियो जिस कैंसर से पीड़ित हैं, उसे सामान्य रूप से खतरनाक नहीं माना जाता है. जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय अस्पताल में हेमेटोलॉजी-ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. स्टीफन लियू ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि अगर यह फेफड़ों का छोटा कैंसर है जिसमें लिम्फ नोड्स प्रभावित नहीं हैं, तो सर्जरी से ही इलाज संभव हो सकता है.स्टीफन लियू का कहना है कि अगर अंतिम विश्लेषण से कैंसर के अधिक फैलाव का पता चलता है, तो यह खराब पूर्वानुमान का संकेत देता है. वेटिकन ने मेडिकल रिपोर्ट में पोप के कैंसर के बारे में डिटेल जानकारी नहीं दी है.

20 अक्टूबर तक पोप के सभी कार्यक्रम रद्द

वेटिकन ने पिछले हफ्ते एक संदेश में कहा था कि पोप लियो स्वास्थ्य लाभ के लिए 20 अक्टूबर तक अस्पताल में रह सकते हैं. वेटिकन ने इसे देखते हुए पोप के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए थे.वेटिकन के नियमों के मुताबिक पोप के बीमार रहने पर उनका कोई अंतरिम उत्तराधिकारी नहीं हो सकता है. इस दौरान पोप से जुड़े जो भी कार्य या फैसले होंगे, उसे स्थगित कर दिया जाता है.हालांकि, सामान्य दैनादिनी यानी दैनिक कार्य इस दौरान वेटिकन के चलते रहते हैं. पोप विश्व के 14 लाख कैथोलिकों के सर्वोच्च सांसारिक अधिकारी हैं.

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts